आजकल ज़्यादातर लोग एक ही फ़ोन से बैंक का काम करते हैं, ऑनलाइन खरीदारी करते हैं और फ़ोटो शेयर करते हैं। साइबर अपराधी यह जानते हैं, और ज़्यादातर हमले आम लोगों पर आसान चालों से होते हैं। अच्छी खबर यह है कि सुरक्षा के लिए टेक एक्सपर्ट बनने की ज़रूरत नहीं — रोज़मर्रा की कुछ छोटी आदतें आपको ज़्यादातर हमलों से बचा सकती हैं।
मज़बूत और अलग-अलग पासवर्ड से शुरुआत करें
दुनिया में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाले पासवर्ड आज भी "123456" और "password" हैं। एक खाता हैक हुआ तो वही पासवर्ड वाली हर सेवा खतरे में आ जाती है। हर ज़रूरी खाते के लिए लंबा और अलग पासवर्ड रखें — चार-पाँच बेतरतीब शब्दों का वाक्यांश मज़बूत भी है और याद भी रहता है। एक पासवर्ड मैनेजर आपके लिए मुश्किल पासवर्ड बनाए और संभालकर रखे, तो आपको सिर्फ़ एक मास्टर पासवर्ड याद रखना पड़ेगा।
टू-फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू करें
सबसे अच्छा पासवर्ड भी डेटा लीक में चोरी हो सकता है। टू-फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन लॉगिन से पहले एक दूसरी जाँच जोड़ देता है — आमतौर पर फ़ोन की ऐप से मिलने वाला कोड — यानी सिर्फ़ पासवर्ड वाला चोर अंदर नहीं घुस सकता। ईमेल, बैंक, सोशल मीडिया और क्लाउड पर इसे चालू करें। SMS कोड की जगह ऑथेंटिकेटर ऐप इस्तेमाल करें, क्योंकि टेक्स्ट मैसेज पकड़े जा सकते हैं।
फ़िशिंग को पहचानना सीखें
फ़िशिंग लोगों के हैक होने का सबसे बड़ा कारण है: एक नकली ईमेल या मैसेज जो बैंक, डिलीवरी कंपनी या सहकर्मी जैसा दिखता है, और लिंक पर क्लिक करने या खाता "वेरिफ़ाई" करने को कहता है। खतरे के संकेत: जल्दबाज़ी ("अभी करें!"), अनजान अटैचमेंट और गलत लिखे गए भेजने वाले के पते। शक वाले मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें — सीधे कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
पब्लिक वाई-फाई पर सावधान रहें
कैफ़े और एयरपोर्ट का मुफ़्त वाई-फाई सुविधाजनक है, लेकिन हमलावरों की पसंदीदा जगह भी — वे बिना सुरक्षा वाले ट्रैफ़िक को देख सकते हैं। पब्लिक नेटवर्क पर बैंक लॉगिन या कार्ड की जानकारी न डालें। ज़रूरत पड़े तो भरोसेमंद VPN इस्तेमाल करें जो डेटा एन्क्रिप्ट करता है, और देखें कि पते में https:// दिखे।
सब कुछ अपडेट रखें — और बैकअप ज़रूर लें
परेशान करने वाले अपडेट ज़्यादातर सुरक्षा पैच होते हैं जो उन खामियों को बंद करते हैं जिनके बारे में हमलावर पहले से जानते हैं। फ़ोन, कंप्यूटर और ब्राउज़र में ऑटोमैटिक अपडेट चालू रखें। और ज़रूरी फ़ाइलों का बैकअप ज़रूर रखें — बाहरी ड्राइव या एन्क्रिप्टेड क्लाउड में — ताकि फ़ोन खोने या रैनसमवेयर हमले पर आपकी फ़ोटो और दस्तावेज़ न मिटें।